हमारे शरीर में लगभग 70% पानी होता है, जो हमारे शरीर को हाइड्रेट रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसके बिना मनुष्य कुछ दिनों तक ही जिंदा रह सकता है इसलिेए यह कहना ग़लत नहीं होगा कि जल अमृत है .... स्वस्थ रहने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन 2-4 लीटर पानी पीने की आवश्यकता होती है इसलिेए हर व्यक्ति को चाहे वह बच्चा हो या बूढ़ा या फिर जवान घर से बाहर निकलते समय पानी की बोतल को अपने साथ रखना चाहिए , आपको ऐसी बोतल का उपयोग करना चाहिए जिसमें पानी कुछ घंटों तक ठंडा या गर्म रह सके जिसे पीने में आपको कोई कठिनाई ना हो इसके लिए इंसुलेटेड बोतल (थर्मस) एक अच्छा विकल्प है.......
बाज़ार में कितनी तरह की बोतलें उपलब्ध हैं?
अमूमन बाजार में चार तरह की बोतलें देखने को मिलती हैं...
1) प्लास्टिक
2) कांच
3 )तांबे
4) स्टेनलेस स्टील
किस तरह की बोतल का इस्तेमाल करना चाहिए?
पानी की बोतल का तात्पर्य पानी के कंटेनर से है, जिसका उपयोग पानी को रखने के लिए किया जाता है हालांकि फैशन के इस दौर में आपको एक से बढ़कर एक स्टाइलिश बोतलें हर साइज़ और रंग की मार्केट में उपलब्ध मिलेंगी लेकिन इसका चुनाव आपको अपने स्वास्थ्य को सर्वोपरि रखते हुए करना बेहतर होगा। ज्यादातर घरों में हमें प्लास्टिक की बोतलें देखने को मिलती हैं, क्योंकि ये तांबे और स्टील की बोतलों की तुलना में सस्ती मिलती हैं, किन्तु फिर भी जितना हो सके प्लास्टिक की बोतलों को अवॉइड करना चाहिए, क्योंकि इन बोतलों से रासायनिक रिसाव के साथ साथ बैक्टेरिया भी पनपने लगता है। अगर फिर भी आप प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो सुरक्षा की दृष्टि से BPA मुक्त प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल करें, कांच की बोतल भी सुरक्षित होती हैं लेकिन वह मज़बूत और टिकाऊ नहीं होती, तांबे और स्टील की बोतल मज़बूत और टिकाऊ होने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए अच्छी होती है, आप इनमें से किसी का भी चुनाव कर सकते हैं।
परन्तु मेरी राय में स्टेनलेस स्टील की बोतल तांबे की तुलना में अधिक बेस्ट है क्योंकि तांबे की बोतल की साफ़ सफाई करना स्टील की बोतल की तुलना मे कठिन होता है और साथ ही तांबे की तुलना में स्टेनलेस स्टील की इंसुलेटेड बोतल की मांग बाजार में ज्यादा है। इसलिेए कंपनियां तरह-तरह की डिजाइन रंग और आकार में स्टेनलेस स्टील की बोतल मार्केट में लॉन्च कर रही है । पानी की बोतल का चुनाव करते समय ये भी ध्यान देने वाली बात है कि आप खरीद किसके लिए रहें हैं? क्या यह बच्चों के बैग के लिए है? या फिर शारिरिक व्यायाम के लिए? या आपकी आफिस में पूरे दिन काम के लिए, इससे आपको बोतल की सही आकार चुनने में मदद मिलेगी।
शुद्धता का रखें ख्याल:
अगर आप स्वस्थ रहना चाहते हैं तो पानी का शुद्ध और साफ़ होना ज़रूरी है, हांलांकि मार्केट में शुद्ध पानी उपलब्ध है लेकिन ये जिस कंटेनर (बोतल) में रखा होता है वह सुरक्षा की दृष्टि से उपयुक्त नहीं होता ।
क्या पुरानी पड़ी बोतलों को फिर से उपयोग में ले सकते हैं?
अगर आप घर में पड़ी पुरानी पानी की बोतलों के इस्तेमाल का मन बना रहें हैं तो इसमें परेशान होने की जरूरत नहीं, आप कुछ सावधानियां बरत कर इसका पुनः उपयोग कर सकते हैं। सबसे पहले आप ये ध्यान दें की बोतल कहीं से टूटी या विकृत न हो, उसके बाद बोतल की साफ़ सफ़ाई करें.........
प्लास्टिक की बोतल की सफ़ाई: अगर बोतल प्लास्टिक की है तो इसका इस्तेमाल 4-6 महिने से ज्यादा नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसमें बैक्टेरिया पनपने का डर रहता है। प्लास्टिक की बोतलों को ज्यादा गर्म पानी से नहीं धोना चाहिए, बल्कि हल्के गुनगुने पानी डिश-सोप और टुथब्रश का इस्तेमाल करते हुए इसकी सफाई करनी चाहिए।
शीश ेकी बोतल की सफ़ाई : पुरानी शीशे की बोतल में पड़े दाग़-धब्बे और गंधमूक्त करने के लिए गुनगुने पानी और डिश-सोप की मदद लेनी चाहिए।
तांबे और स्टेनलेस स्टील की बोतलों की सफ़ाई : इसके लिए एक एक चम्मच बेकिंग सोडा और आधा कप सफेद सिरका बोतल में डालकर 10 मिनट तक छोड़ दें, उसके बाद बोतल में गर्म पानी डालकर अच्छे से शेक कर लें फिर टूथब्रश से हल्का हल्का घिसें साथ ही डिश-सोप की मदद से ढ़क्कन को भी अच्छी तरह से साफ़ कर लें।
क्या आप जानते हैं कि विश्व की सबसे महंगी पानी की बोतल कौन सी है ?
आपको ये जानकार हैरानी होगी दुनिया की सबसे महंगी पानी की बोतल की कीमत लगभग 50 लाख है, इस स्पेशल बोतल का नाम "एक्वा डि क्रिस्टैलो ट्रिब्यूटो ए मॉडिग्लीयानो" है, यह बॉटल बिते 13 साल से दुनिया की सबसे महंगी और फैशनेबल वॉटर बॉटल के रूप में पहले नम्बर पर अपनी पोजिशन बनाई हुई है, इस बोतल को 2010 में गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में सबसे महंगी पानी की बॉटल का खिताब दिया गया है, ये बोतल 24 कैरेट सोने से बनी है।
पानी की बोतलों की डिमांड को देखते हुए एप्पल ने भी अब पानी की बोतल लॉन्च की है, जिसकी कीमत लगभग 4600 तक है, ये बोतल महंगी इसलिेए है कि इसके नीचे की तरफ़ एलईडी सेंसर लगा होता है जो पानी को भांप कर ब्लूटूथ कनेक्शन के ज़रिए एप्पल हेल्थ को एलर्ट जारी कर देता है।
पानी की बोतल का इतिहास:
प्राचीन युग: यद्यपि पानी के कंटेनर का चलन प्राचीन काल से ही चली आ रही है, सबसे पहले पानी की बोतल 1500 ईसापूर्व मेसोपोटामिया में बनाई गई थी, प्राचीन काल में पानी की बोतलें मिट्टी,कांच, और धातु की बनी होती थीं।
आधुनिक युग : आधुनिक युग में मिट्टी के बर्तन, का प्रचलन समाप्त हो गया और उसकी जगह प्लास्टिक की बोतलों ने ले ली साथ ही कांच और स्टेनलेस स्टील आदि की बोतलें प्रचलन में आ गईं जो स्टाइलिश होने के साथ-साथ हल्की, मजबूत, और टिकाऊ होती है।
पर्यावरण के अनुकूल करें बोतलों का चुनाव: पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए आपको उन बोतलों का चुनाव करना होगा जो लंबे समय तक इस्तेमाल की जा सके मेरे विचार में स्टेनलेस स्टील की बोतल इसके लिए एक अच्छा विकल्प है क्योंकि यह प्लास्टिक की बोतल की तुलना में ज्यादा स्वस्थ होती है और कांच की तुलना में ज्यादा टिकाऊ होती है, और प्लास्कीटिक की बोतल इसलिेए भी नहीं इस्तेमाल करना चाहिए कि ये वातावरण को प्रदुषित करतें हैं "रिपोर्ट के अनुसार लगभग 85% प्लास्टिक की पानी की बोतलें जिन्हें नष्ट होने में 1000 साल लग सकते हैं"।
इस लेख को पढ़ने के लिए धन्यवाद .......... उम्मीद करतीं हूं कि इस लेख को पढ़ने के बाद आप घर से बाहर निकलते समय अपने साथ पानी की बोतल ले जाना नहीं भूलेंगे।
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